बिहार के किसान रोशन कुमार झा नींबू की खेती से कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा रहे

On: Friday, November 28, 2025 4:13 PM
सफलता की कहानी

आज हम सफलता की कहानी में लेकर आए हैं बेगूसराय के किसानों रोशन कुमार झा की कहानी जो नींबू की खेती से कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं। 

किसान राजेश कुमार झा का परिचय 

राजेश कुमार झा बेगूसराय जिले के डंडारी प्रखंड के रहने वाले हैं। वे पहले राजनीतिक कार्य करते थे पर अब वे किसानी कर रहे हैं। खेती करने की सलाह उन्हें किसान सलाहकार ने दिया। ज्यादातर लोग अब खेती में बागवानी फसल की खेती करना चाहते हैं क्योंकि इसमें पारंपरिक फसलों से ज्यादा मुनाफा होता है। इनसब बातों को सुनकर राजेश झा ने नींबू की खेती करने की ठानी। 

बेगूसराय का जलवायु नींबू के खेती के लिए उपयुक्त है 

राजेश झा ने नींबू की फसल को चूना क्योंकि बेगुसराय का जलवायु नींबू के खेती के लिए अनुकूल होता है। बेगूसराय में वर्षा 75 सेंटीमीटर से 200 सेंटीमीटर तक आमतौर होती है जो की नींबू की खेती के लिए सही होती है। नींबू की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। उन्होंने नींबू के बुआई से पहले खेत को अच्छे से जुताई करवा ली। फिर नींबू के पौधे बोए।

नींबू की पूरी जानकारी उन्हें किसान सलाहकार अनीश कुमार ने बताया। उन्होंने नींबू की कुंभ कास्ट नींबू की खेती करने की सलाह दी। यह नींबू पाकिस्तानी वैरायटी का नींबू है। इस नींबू का  पौधा उन्हें पंजाब के किसी निजी कंपनी के द्वारा प्राप्त हुई था। एक नींबू का पौधा उन्हें 200 रुपये में पड़ा। उनके नींबू के पौधे से फल डेढ़ साल बाद आने शुरू हुए। इन डेढ़ सालों में एक पौधे पर लागत 500रु आया। 

नींबू की खेती से लाखों की आमदनी 

रोशन झा हाफ एकड़ में नींबू की खेती करते हैं। नींबू के पौधे को बढ़ने में थोड़ा समय तो लगता है लेकिन जब फल आने लगते हैं तो एक पौधे से बहुत सालों तक फल आते रहते हैं । पहले बार जितना लागत लगती  उतनी लागत दूसरे साल नहीं लगती। एक बार की लागत वाली फसल होती है नींबू एक बार लगाएं सालों कमाएं। राकेश कुमार झा की नींबू की फसल जब आनी शुरू हुई तो एक पौधे से 250 से 300 नींबू आने लगे। 

नींबू की मांग मार्केट में साल भर रहती है। बाजार में एक नींबू का भाव 7 रुपए से 10 रुपये तक रहती है। साल में 2 से 3 बार तक नींबू की फसल आ जाती है। हाफ एकड़ से उन्हें 3 लाख से ज्यादा आमदनी होती है। और यह आकड़ा बढ़ते जाएगा क्योंकि नींबू का उत्पादन पढ़ते जा रहा है। 

रोशन झा की सफलता की कहानी यह संदेश देती है कि पारंपरिक फसलों के तुलना बागवानी फसलों में मेहनत और समय कम लगता है और आमदनी ज्यादा होती है। 

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