सफ़ेद मुसली की खेती से लाखों में खेल रहे राजस्थान के किसान मोहन लाल, 2 बीघा से 12 लाख की आमदनी 

On: Thursday, November 13, 2025 2:01 PM
success story of a farmer

आज हम सफलता की कहानी में लेकर आए हैं राजस्थान के किसान मोहन लाल की कहानी जिनका औषधीय फसलों की खेती से लाखों का टर्नओवर है।  

मोहन लाल का परिचय 

मोहन लाल राजस्थान के टोंक जिले के सोप सहर के रहने वाले हैं। दूसरे किसानों की तरह वे भी पारंपरिक खेती करते थे पर अब वे सफ़ेद मुसली और औषधीय फसलों की खेती करते हैं। इन फसलों की खेती से वे बहुत अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। चलिए जानते हैं उनकी सफलता की पूरी कहानी। 

औषधीय फसल सफ़ेद मुसली की खेती कैसे करते हैं  

सफ़ेद मूसली स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होती है। यह शरीर की ताकत और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है, साथ ही ये मधुमेह, मानसिक स्वास्थ्य जैसी बीमारियों में बहुत उपयोगी है। इसके ढ़ेर सारे स्वास्थ्य लाभ हैं, यही वजह है कि यह बाजार में बहुत महंगी बिकती है।   

मोहन लाल जी ने अपने 2 एकड़ ज़मीन में सफ़ेद मूसली की खेती की है। सफ़ेद मूसली लगाने का सही समय बरसात यानी जून जुलाई होता है और अगर सिंचाई की सुविधा अच्छी हो तो इसको साल में कभी भी लगाया जा सकता है, लेकिन खेत की निकासी अच्छी होनी चाहिए। इसकी फसल बोने के लिए मिट्टी की PH 7.5 तक होनी चाहिए। बुवाई के लिए जड़ों के टुकड़ों के बीजों का इस्तेमाल होता है। एक एकड़ में 4 से 6 क्विंटल जड़ें लग जाती हैं। पौधे की ऊंचाई 50 सेंटीमीटर तक होती है। फसल अगर अच्छी चल जाए तो एक बीघा से 20 क्विंटल कंद प्राप्त हो जाते हैं, जिनको सूखाने के बाद 4 क्विंटल तक फसल रह जाती है। 

 सफ़ेद मुसली की खेती के लिए सरकार दे रही सब्सिडी 

सफेद मुसली की खेती के लिए सरकार सब्सिडी भी देती है, इसकी पूरी जानकारी जिला बागवानी केंद्र जाकर ले सकते हैं। सफ़ेद मुसली की खेती में 8 गुना ज्यादा मुनाफा है अगर पारंपरिक फसलों से तुलना की जाए तो। इसकी मार्केट में बहुत मांग है पर उत्पादन कम होने के कारण भाव भी अच्छे मिलते हैं। अपने स्वास्थ्य लाभ के कारण देश विदेश की औषधि बनाने वाली कंपनी इसकी खोज में रहती हैं।  

मध्य प्रदेश के नीमच मंडी में इस फसल की कीमत 1 लाख रुपए से ज्यादा तक भी रहती है। मोहन लाल को 2 एकड़ से 12 लाख तक की आमदनी हो जाती है। सफ़ेद मुसली की सफलतापूर्वक खेती को देखते हुए मोहन लाल ने अब 14 एकड़ में सफ़ेद मुसली के साथ दूसरी औषधीय फसलों की खेती भी शुरु कर दी है। 

वे किसानों को बहुत सारी सुविधाएं भी देने लगे हैं। अभी तक उन्होंने बहुत सारे  किसानों को मुफ्त में प्रशिक्षण दिया है।  

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