फल-सब्जी की यूनिट लगाने के लिए 50% तक सब्सिडी दे रही राज्य सरकार, किसानों और व्यापारियों के लिए सुनहरा मौका, ऐसे बढ़ाएं अपनी आमदनी

On: Wednesday, November 5, 2025 9:00 AM
फल-सब्जी की यूनिट पर सब्सिडी

फल और सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए यह एक अच्छा मौका है। फल-सब्जी की पैकेजिंग, प्रोसेसिंग, स्टोरेज और परिवहन में सरकार सब्सिडी दे रही है। आइए जानते हैं, फल-सब्जी की यूनिट पर मिलने वाली सब्सिडी के बारे में।

फल-सब्जी की यूनिट पर सब्सिडी

फल और सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भी बड़ी मेहनत करनी पड़ती है। पहले खेत से फल या सब्जी की तुड़ाई करनी पड़ती है, फिर उसे अच्छे से पैक करना पड़ता है और फिर दूर-दूर के मंडियों तक भेजना पड़ता है। कभी-कभी कीमत कम मिलने पर किसानों को कुछ दिनों तक उसे स्टोरेज हाउस में सुरक्षित रखना पड़ता है, ताकि वह खराब न हो और जब एक-दो दिन में कीमत बढ़ जाए तो अच्छी कीमत मिल सके।

वहीं, कुछ किसान जब फल या सब्जी नहीं बिकते हैं, तो प्रोसेसिंग करके उससे उत्पाद भी बना सकते हैं, जिससे नुकसान न हो। इन सब चीजों में सरकार किसानों तथा व्यापारियों की मदद करेगी, जिसमें किसानों और व्यापारियों को राज्य सरकार की तरफ से फल-सब्जी की यूनिट लगाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है।

किस चीज पर कितना मिलेगा अनुदान

यहां पर अलग-अलग चीजों के आधार पर किसानों को सब्सिडी मिलेगी। बताया जा रहा है कि अगर किसान या व्यापारी सरकार की तरफ से फार्म गेट पैक हाउस बनाते हैं, तो उसमें उन्हें 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है, जबकि अन्य इकाइयों पर 35 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। जैसे राजस्थान के किसान आवेदन कर सकते हैं। यहां पर किसानों को आठ तरह की इकाइयों की स्थापना के लिए सब्सिडी मिल रही है, जिनमें कोल्ड रूम, वातानुकूलित वैन, फ्रूट रिपनिंग चैंबर, सेकेंडरी प्रोसेसिंग यूनिट, प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

इससे लागत कम आएगी, खर्चा भी कम करना पड़ेगा, क्योंकि सरकार की तरफ से अनुदान मिल जाएगा। फल-सब्जी का भंडारण करने के साथ-साथ, फल या सब्जी को प्रोसेस करके जूस, अचार, पाउडर या फिर मुरब्बा जैसे उत्पाद बनाकर भी बेच पाएंगे। इससे नुकसान किसी भी कीमत पर नहीं होगा।

लाभ लेने के लिए कहां करें आवेदन

राजस्थान के किसान या व्यापारी इस योजना का लाभ लेने के लिए उद्यान विभाग में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जाएगा, जहां पर अनुदान को मंजूरी दी जाएगी। उसके बाद किसानों को इस योजना का फायदा मिलेगा।

यह भी पढ़े- निशुल्क मिल रहा माली प्रशिक्षण, रहने-खाने की होगी व्यवस्था, आने-जाने का मिलेगा किराया, जानिए पात्रता