पपीता हब बना रही सरकार, किसानों को मिलेगा 90 हजार रु तक अनुदान, जानिए एक पौधे में कितना आएगा खर्चा

On: Saturday, September 20, 2025 5:00 PM
पपीता की बागवानी के लिए किसानों को 60% तक अनुदान

प्रदेश में बनेगा पपीता हब, किसानों को मिलेगा ₹90,000 तक अनुदान 2025-26 से 2026-27 तक योजना के अंतर्गत 1.50 करोड़ रुपए खर्च करेगी सरकार।

पपीता हब से किसानों को फायदा

पपीता की खेती का रकबा बढ़ेगा तो किसानों को मुनाफा होगा, क्योंकि पपीता की खेती में फायदा है। पपीता की खेती अगर किसान सही तरीके से कर लेंगे तो अच्छा उत्पादन मिलेगा। इसीलिए बिहार में पपीता की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। लगभग 22 जिलों में पपीता विकास योजना चलाई जा रही है, जिसको मंजूरी मिल गई है।

इसमें बताया जा रहा है कि सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 तक 1 करोड़ 50 लाख 75 हजार की राशि पपीता विकास योजना के अंतर्गत खर्च करेगी। इसकी स्वीकृति मिल चुकी है, जिसमें नालंदा को विशेष प्राथमिकता मिलेगी। इसमें किसानों को दो हेक्टेयर तक में पपीता की खेती के लिए सब्सिडी दी जाएगी। इस तरह प्रदेश में पपीता हब बन रहा है, जिसका सीधा उद्देश्य किसानों की कमाई में इजाफा करना है।

किसानों को मिलेगा ₹90,000 तक अनुदान

पपीता की खेती किसान अगर दो हेक्टेयर तक करते हैं और सरकार से पपीता विकास योजना के तहत अनुदान लेते हैं, तो आपको बता दें कि ₹90,000 तक सब्सिडी मिलेगी। जिसमें प्रति हेक्टेयर सरकार का अनुमान है कि ₹75,000 का खर्च आएगा, जिसमें किसानों को ₹45,000 प्रति हेक्टेयर के हिसाब से दिए जाएंगे। यह पैसा दो किस्तों में दिया जाएगा।

दरअसल, पपीता की बागवानी के लिए किसानों को 60% तक अनुदान दिया जा रहा है, जिसमें पहले साल 60% यानी ₹27,000 मिलेगा। दूसरे साल 40% यानी ₹18,000 दिया जाएगा, जो उन किसानों को मिलेगा जो खेती करेंगे, पौधे लगाएंगे और उनकी उचित देखभाल करेंगे।

एक पौधे का कितना आएगा खर्चा

पपीता विकास योजना के तहत किसानों को पपीता की बागवानी करने के लिए 60% अनुदान दिया जा रहा है, लेकिन 40% खर्च उन्हें खुद करना होगा। बताया जा रहा है कि एक पौधे पर ₹9.20 खर्च आएगा, जिसमें ₹7.20 रिफंड मिल जाएगा। यानी कि सिर्फ ₹2 खुद खर्च करना पड़ेगा।

बता दें कि पहले प्रति पौधा लागत ₹6.50 थी, लेकिन अभी इसमें संशोधन हो गया है। किसानों को अनुदान की राशि DBT पोर्टल (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण पोर्टल) के जरिए उनके खाते में दी जाएगी। “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर फायदा दिया जाएगा। इसलिए किसानों को जल्द से जल्द आवेदन करना चाहिए।

यह भी पढ़े- इन किसानों को मसाले की खेती के लिए 20 हजार रु प्रति हेक्टेयर दे रही सरकार, कम खर्चे में करें खेती से चौगुनी आमदनी