धान की फसल में पीलापन नजर आना पीला फंगस रोग का खतरा हो सकता है इससे बचाव के लिए फसल में इसकी रोकथाम के उपाय करना चाहिए जिससे फसल में पीला फंगस का कोई ज्यादा खराब असर नहीं पड़ता है।
धान की फसल में दिख रहा है पीलापन
अधिक बारिश होने से खेत में जल भराव होने लगता है अगर जल निकासी की व्यवस्था अच्छी नहीं होती है तो धान की फसल में पीला फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है और पोषक तत्व की कमी से होने भी ये रोग होता है जिससे फसल में पीलापन दिखाई देने लगता है और किसानों की फसल को 50% तक नुकसान हो सकता है इससे बचने के लिए सही जल प्रबंधन, पोषक तत्व की पूर्ति और फफूंदनाशकों का प्रयोग करना चाहिए। जिससे धान की फसल हरी भरी स्वस्थ रहती है। तो चलिए इसकी रोकथाम के लिए विस्तार से उपाय जानते है।

धान की फसल में पीला फंगस से बचाव के उपाय
धान की फसल में पीला फंगस रोग के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए हम आपको नीम का रस, खट्टी छाछ और बेकिंग सोडा से बने घोल के जैविक उपायों के बारे में बता रहे है ये घरेलू चीजें एक फफूंदनाशक के रूप में कार्य करती है। नीम के रस में एंटी फंगल, एंटी बैक्टीरियल जैसे कई गुण होते है जो धान की फसल में फंगस रोग को कंट्रोल करते है और फैलने नहीं देते है। खट्टी छाछ फंगल रोग से बचाव करने के लिए बहुत कारगर होती है साथ ही ये मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है जिससे पौधों में पोषक तत्वों का संचार बेहतर होता है छाछ में मौजूद लैक्टिक एसिड फफूंद को जड़ से खत्म करता है और छाछ की खट्टी गंध कीटों को दूर रखती है छाछ धान के पौधों को नाइट्रोजन, कैल्शियम जैसे कई अन्य तत्व भी होते है जो धान की वृद्धि में सहायक होते है। बेकिंग सोडा मिट्टी के पीएच स्तर को संतुलित करता है और फफूंद जनित रोगों विशेष रूप से पाउडरी मिल्ड्यू जैसे रोगों को नियंत्रित करने में काफी प्रभावी होता है। इसके अलावा आप NPK का छिड़काव भी कर सकते है।
कैसे करें छिड़काव
धान की फसल में पीला फंगस रोग को नियंत्रित करने के लिए नीम का रस, खट्टी छाछ और बेकिंग सोडा का प्रयोग बहुत फायदेमंद होता है लेकिन इनका उपयोग उचित मात्रा में करना फायदेमंद है इसलिए छिड़काव से पहले घोल की मात्रा जानना आवश्यक है।
- नीम का उपाय: नीम की पत्तियों को पानी में खूब उबालकर पानी को ठंडा करके फिर स्प्रे पंप की मदद से छिड़काव करना चाहिए। ऐसा करने से धान की फसल में पीला फंगस का फैलाव रुक जाता है।
- बेकिंग सोडा का जैविक उपाय: बेकिंग सोडा का उपयोग करने के लिए एक लीटर पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा को मिलाकर फसल में इस घोल का छिड़काव कर सकते है।
- छाछ का जैविक उपाय: छाछ का उपयोग करने के लिए 10 लीटर पानी में 2 लीटर पुरानी छाछ को मिलाकर भी छिड़काव कर सकते है।
आपको बता दें इन 3 घोल में से किसी एक का ही उपयोग करना है।
नोट: इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी किसानों के निजी अनुभवों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध इंटरनेट स्रोतों पर आधारित है। किसी भी जानकारी का उपयोग करने से पहले कृषि विशेषज्ञों से परामर्श अवश्य करें।

नमस्ते दोस्तों, मैं नंदिनी । पिछले 2 साल से पत्रकारिता में काम कर रही हूं और अलग-अलग विषयों पर लिखना मुझे बहुत पसंद है। खासतौर पर खेती, बागवानी और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों में मेरी गहरी रुचि है। मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि आपको सच्ची और सही जानकारी दे सकूं, ताकि आप इन विषयों को अच्छे से समझ सकें। अगर आप भी इन जरूरी और दिलचस्प बातों को जानना चाहते हैं, तो जुड़े रहें https://khetitalks.com/ के साथ। धन्यवाद












