लहसुन की खेती कैसे करें, लहसुन की खेती का समय क्या है, लहसुन की खेती से कितनी कमाई होगी, ज्यादा उत्पादन देने के लिए कौन-सी विधि अपनाएं, यह सभी इस लेख में जानिए।
लहसुन की खेती
लहसुन की डिमांड पूरे साल रहती है। लहसुन सेहत के लिए फायदेमंद होता है, इसलिए इसकी खेती से किसान अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को अच्छा उत्पादन लेना होगा। बढ़िया गुणवत्ता उनके लहसुन की होनी चाहिए, तभी कीमत मिलेगी। साथ ही खेती की लागत भी कम होनी चाहिए, तभी मुनाफा अधिक होगा। इसलिए इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि लहसुन की खेती किस तरीके से करें। कई किसान लहसुन की खेती का नया तरीका अपनाकर एक बीघा से 25 क्विंटल उत्पादन ले रहे हैं और तगड़ी कमाई कर रहे हैं।
मल्चिंग विधि से लहसुन की खेती
लहसुन की खेती अगर किसान मल्चिंग लगाकर करते हैं तो बहुत ज्यादा फायदा होता है। मजदूरी कम लगती है, उत्पादन अधिक मिलता है और समय की भी बचत होती है। दरअसल, मल्चिंग का इस्तेमाल खेतों में करने से खरपतवार नहीं निकलते, मिट्टी में नमी बनी रहती है और मिट्टी का कटाव नहीं होता। अगर किसान मल्चिंग विधि से खेती करते हैं तो 25 क्विंटल उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। इसकी कीमत पिछले साल 25 से 27 हज़ार रुपए प्रति क्विंटल तक मिली थी। रतलाम के जगदीश पाटीदार मल्चिंग विधि से लहसुन की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
लहसुन की खेती का समय
लहसुन की खेती अक्टूबर से नवंबर के बीच कर सकते हैं। कई क्षेत्रों में रबी सीजन और खरीफ सीजन में भी लहसुन की खेती की जाती है, लेकिन अक्टूबर से नवंबर का समय सबसे अच्छा माना जाता है। यानी आने वाले समय में किसान भाई लहसुन की खेती कर सकते हैं। सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी इसकी बुवाई की जा सकती है। इसके लिए पहले से खेत की बढ़िया तैयारी करनी चाहिए।
लहसुन की खेती कैसे करें
लहसुन की खेती में मिट्टी, जलवायु, बुवाई का समय, खेत की तैयारी, बीज की दूरी, सिंचाई और खाद का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- मिट्टी – लहसुन की खेती के लिए दोमट मिट्टी बढ़िया होती है। खेत में पानी नहीं रुकना चाहिए।
- जलवायु – मध्यम ठंडी जलवायु लहसुन के लिए अनुकूल होती है।
- खेत की तैयारी – दो से तीन बार जुताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बनाएं।
- बुवाई – दो बीज की दूरी 7.5 सेंटीमीटर और कतार की दूरी 15 सेंटीमीटर रखें।
- सिंचाई – हल्की सिंचाई करें। शुरुआती 30 दिनों में सिंचाई का खास ध्यान रखें।
- बीज उपचार – बीजों का उपचार करें ताकि रोग न लगें।
- खरपतवार नियंत्रण – इसके लिए मल्चिंग का उपयोग करें।
लहसुन की खेती से कमाई
लहसुन की खेती से होने वाली कमाई इस पर निर्भर करती है कि किसान किस विधि से खेती करते हैं। अच्छा उत्पादन मिलेगा तभी कमाई होगी। आमतौर पर उन्नत किस्म और बढ़िया तरीके से खेती करने पर किसान 7 से 8 लाख रुपए प्रति एकड़ तक कमा सकते हैं।
- लागत – लगभग 1 से 1.5 लाख रुपए प्रति एकड़।
- उत्पादन – 30 से 50 क्विंटल प्रति एकड़।
- बाज़ार भाव – 3000 से 5000 रुपए प्रति क्विंटल। कीमत वैरायटी, गुणवत्ता और मंडी की डिमांड पर निर्भर करती है।
बरसात में लहसुन की खेती
- बरसात में लहसुन की खेती करनी हो तो बेड बनाकर करें। ढलान वाली ज़मीन का चुनाव करें ताकि पानी न रुके।
- जुलाई-अगस्त में बुवाई करने पर फसल 4 महीने में तैयार हो जाएगी।
- फफूंद से बचाव के लिए फफूंदनाशक का प्रयोग करें।
- कैल्शियम और बोरोन का इस्तेमाल करने से कंद का आकार बड़ा होता है।
लहसुन की खेती की अवधि
लहसुन की फसल 120 से 190 दिन में तैयार होती है। यह वैरायटी पर निर्भर करता है। कुछ किस्में जल्दी तैयार होती हैं, जबकि कुछ में अधिक समय लगता है।
लहसुन की खेती में खाद
अच्छा उत्पादन लेने के लिए खाद ज़रूरी है।
- जैविक खेती – गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करें।
- गोबर खाद – 20 से 25 टन प्रति हेक्टेयर डालें।
- रासायनिक खाद – यूरिया खेत तैयार के समय तथा बुवाई के 30 से 40 दिन बाद आधी मात्रा में डालें।
- कंद विकास – बुवाई के 50 से 60 दिन बाद कैल्शियम नाइट्रेट का छिड़काव करें।
- सूक्ष्म पोषक तत्व – जिंक सल्फेट का प्रयोग करें।
लहसुन की खेती सबसे ज़्यादा कहां होती है
भारत में लहसुन की सबसे अधिक खेती मध्य प्रदेश में होती है। कुल उत्पादन का लगभग 62.5% हिस्सा यहीं से आता है। इसके बाद राजस्थान और उत्तर प्रदेश का स्थान आता है। इसके अलावा गुजरात, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी लहसुन की खेती की जाती है।
हाइब्रिड लहसुन की खेती
- अधिक उत्पादन के लिए किसान हाइब्रिड लहसुन का चुनाव करते हैं।
- इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है।
- बाजार में अच्छी कीमत मिलती है क्योंकि कंद बड़े और चमकदार होते हैं।
- रोपाई से पहले बीज उपचार ज़रूरी है।
- अक्टूबर से नवंबर के बीच रोपाई करें।
- कलियों को 5 से 7 सेंटीमीटर गहराई में दबाकर हल्की मिट्टी से ढक दें।
लहसुन की किस्में
भारत में कई किस्में लोकप्रिय हैं।
- ऊटी लहसुन – बड़े और चमकदार कंठ, उत्पादन दो गुना तक।
- अन्य किस्में – G50, G282, GD, इस-42, 891।
- स्वादिष्ट किस्में – लॉट्रेक व्हाइट, चेसनोक रेड, जॉर्जियन क्रिस्टल और जॉर्जियन फायर आदि है।
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