बरसात के मौसम में इन सब्जियों की कीमत और मांग बाजार में अच्छी देखने को मिलती है इनकी खेती में खर्चा भी ज्यादा नहीं आता है। तो चलिए जानते है कौन सी सब्जियों की खेती है।
बरसात में इन सब्जियों की खेती से बने लखपति
बरसात के मौसम में कुछ सब्जियां विशेष रूप से अच्छी तरह से पनपती है। आज हम आपको उन्ही सब्जियों की खेती के बारे में बता रहे है जिन्हे बरसात में लगाना बहुत आसान है इनकी खेती में लागत भी ज्यादा नहीं आती है और मुनाफा भी अच्छा होता है। इन सब्जियों की मांग बाजार में बहुत अधिक होती है क्योकि लोग इनका सेवन करना बहुत पसंद करते है इन सब्जियों में बहुत ज्यादा पोषक तत्व के गुण होते है जो सेहत को तंदुरस्त बनाते है। इनकी खेती में ज्यादा दिन भी नहीं लगते है। हम बात कर रहे है परवल, गोभी और कुंदरू की खेती की तो आइये इनकी खेती के बारे में विस्तार से जानते है।
परवल की खेती
परवल की खेती एक महत्वपूर्ण व्यवसायिक फसल है इसकी खेती में किसानों के लिए बहुत लाभकारी साबित होती है क्योकि इसकी डिमांड बाजार में बहुत ज्यादा मात्रा में होती है इसका उपयोग न केवल सब्जी के रूप में होता है बल्कि इसकी मिठाई भी बनाई जाती है जो मार्केट में बहुत डिमांडिंग होती है इसकी खेती के लिए बरसात में जुलाई-अगस्त का महीना बहुत उपयुक्त होता है परवल की खेती के लिए अच्छी गुणवत्ता और उच्च किस्म के बीजों का चयन करना चाहिए जिससे पैदावार अच्छी मिलती है इसकी खेती के लिए जल निकास वाली दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। परवल की लताएँ ऊपर चढ़ती है इसलिए मचान या सहारे की व्यवस्था करना जरुरी होता है। इसकी खेती में रासायनिक उर्वरक की जगह जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए। बुवाई के बाद परवल की फसल करीब 90 दिनों में तैयार हो जाती है।

फूल गोभी की खेती
बरसात में फूलगोभी की अगेती किस्मों की खेती कर सकते है अगेती फूलगोभी की खेती के लिए जुलाई-अगस्त का महीना उपयुक्त होता है। इस समय तापमान 20-30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है जो गोभी के बीजों के अंकुरण और शुरुआती विकास के लिए आदर्श है। जुलाई में फूलगोभी खेती के लिए अगेती किस्म के बीजों का चयन करना चाहिए। बुवाई से पहले बीजों को उपचारित करना चाहिए और ध्यान रहे बरसात में जल निकासी की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए क्योकि जलभराव से पौधों को नुकसान हो सकता है। फूलगोभी की खेती में पौधों को रोग और कीटों से बचाने के लिए उचित उपाय करने चाहिए बुवाई के बाद फूलगोभी की फसल करीब 50 से 55 दिनों में तैयार हो जाती है। आप इसकी खेती से लाखों रूपए की कमाई कर सकते है।

कुंदरू की खेती
कुंदरू की खेती किसानों के लिए एकबार की कम लागत में करीब 3 से 4 साल तक बहुत ज्यादा मुनाफा कमाने वाली होती है इसकी डिमांड और कीमत दोनों ही बाजार में बहुत होती है कुंदरू की खेती के लिए भुरभुरी बलुई दोमट और जल निकास वाली मिट्टी अच्छी होती है। इसकी बुवाई से पहले खेत की गहरी जुताई करनी चाहिए और मिट्टी में वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की खाद डालनी चाहिए। कुंदरू की बेलों को चढ़ाने के लिए मचान या बांस-तार का उपयोग करना लाभकारी होता है। बाजार में ये सब्जी करीब 60 से 80 रूपए प्रति किलो तक बिकती है आप इसकी खेती से लाखों रूपए की कमाई आराम से कर सकते है।
