किसान कम पानी में अधिक उत्पादन ले सके, इसके लिए सरकार सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को प्रोत्साहन दे रही है, तो चलिए जानते हैं किन-किन कृषि यंत्रों पर कितने हजार रुपए का अनुदान मिल रहा है-
आधुनिक सिंचाई यंत्रों के फायदे
खेती-किसानी में भी विकास देखा जा रहा है, कई ऐसे आधुनिक कृषि यंत्र आ गए हैं। जिससे किसानों के काम आसान और कम मेहनत वाले हो रहे हैं। तथा लागत भी कम हो रही है, मगर रिजल्ट अच्छा देखने को मिल रहा है। उत्पादन ज्यादा मिल रहा है। जिसमें कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि इस योजना से किसानों को बहुत ज्यादा फायदा होगा। जिसके लिए प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। साथ ही उनका कहना है कि सक्ष्म सिंचाई तकनीक का अगर किसान इस्तेमाल करते हैं तो 60% तक पानी की बचत होगी। साथ ही साथ 20 से 35% तक उत्पादन बढ़ेगा। जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
सिंचाई यंत्रों पर अनुदान
नीचे लिखे बिंदुओं के अनुसार जानिए किस वर्ग के किसान को कृषि यंत्र पर कितना अनुदान मिल रहा है-
- ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित करने पर लघु और सीमांत किसानों को 80% तक और अन्य किसानों को 70% तक अनुदान मिलेगा।
- इसके अलावा बता दे की पोर्टेबल स्प्रिंकलर प्रणाली पर लघु एवं सीमांत किसानों को 55% जबकि अन्य किसानों को 45% तक अनुदान दिया जा रहा है।
- वही किसान भाई अगर व्यक्तिगत नलकूप और सबमर्सिबल पंप लगवाते हैं तो ऐसे में ₹40000 तक अनुदान दिया जाता है।
- साथ ही ड्रिप प्रणाली और तालाब या कुआं बनवाते है तो उन्हें 50% यानी कि लगभग 75000 का अनुदान प्राप्त होता है।
- इस तरह किसान सिंचाई के आधुनिक कृषि यंत्रों का इस्तेमाल करके खेती को आसान बना सकते हैं। समय पर सिंचाई और फसल की जरूरत के अनुसार उन तक पानी पहुंचा सकते हैं।
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प्रति बूंद अधिक फसल
प्रति बूंद अधिक फसल केंद्र सरकार की योजना है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत प्रति बूंद अधिक फसल का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ही ड्रिप और स्प्रिंकलर सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को सरकार प्रोत्साहित कर रही है। जिसमें बिहार में जल संरक्षण और उत्पादन को बढ़ाने के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर के लिए 140 करोड रुपए की मंजूरी दी गई है। जिससे बिहार के किसानों को फायदा होगा। जिसमें ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस योजना से जोड़ने का सरकार प्रयास कर रही है। जिससे सिंचाई की सुविधा सभी किसानों को मिल सके और जल संसाधनों का सही से इस्तेमाल हो पानी की बचत हो किसनों की आमदनी अधिक हो इस लिए यह अनुदान दिया जा रहा है।