इस सब्जी की खेती किसानों के लिए मुनाफे का तगड़ा सौदा साबित होती है इसकी डिमांड बाजार में बहुत अधिक मात्रा में देखने को मिलती है क्योकि ये साल में कुछ ही महीने बाजार में आती है तो चलिए जानते है कौन सी सब्जी है।
पैसा छापने की मशीन है ये सब्जी की खेती
जिमीकंद जिसे कुछ लोग ओल या सूरन के नाम से भी जानते है आज हम आपको जिमीकंद की एक ऐसी किस्म के बारे में बता रहे है जो बहुत ज्यादा उत्पादन देने वाली होती है ये न केवल ज्यादा उपज देती है बल्कि ये उच्च गुणवत्ता वाली रोग प्रतिरोधक किस्म है इसका उपयोग सब्जी, अचार और आयुर्वेदिक औषधियों के लिए किया जाता है। इसकी डिमांड बाजार में बहुत ज्यादा होती है लोग इसका सेवन करना बहुत पसंद करते है हम बात कर रहे है जिमीकंद की पद्मा किस्म की खेती की इसे श्री पद्मा भी कहा जाता है ये जिमीकंद की एक लोकप्रिय किस्म है तो चलिए इसकी खेती के बारे में जानते है।

कैसे करें खेती
अगर आप जिमीकंद की पद्मा किस्म की खेती करना चाहते है तो आपको इसकी खेती के बारे में अच्छे से जानना होगा जिससे आपको खेती करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। जिमीकंद की पद्मा किस्म की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट या बलुई मिट्टी उपयुक्त होती है। इसकी खेती के लिए 30-35 डिग्री सेल्सियस का तापमान आदर्श है। इसकी बुवाई से पहले खेत की गहरी जुताई करनी चाहिए और मिट्टी में पोषक तत्व से भरपूर खाद डालनी चाहिए इसकी बुवाई के लिए इस किस्म के कंद का ही उपयोग करना चाहिए। इसकी खेती में गोबर की खाद का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। बुवाई के बाद जिमीकंद की पद्मा किस्म की फसल करीब 6 से 9 महीने में तैयार हो जाती है।
कितनी होगी उपज
अगर आप जिमीकंद की पद्मा किस्म की खेती करते है तो आपको इसकी खेती से बहुत जबरदस्त कमाई देखने को मिलेगी एक हेक्टेयर में जिमीकंद की पद्मा किस्म की खेती करने से करीब 40 टन की पैदावार होती है आप इसकी खेती से लाखों रूपए की कमाई आराम से कर सकते है ये जिमीकंद की एक उच्च पैदावार देने वाली लोकप्रिय किस्म है इसकी खेती किसानों को जरूर करनी चाहिए।