किसानों को अब सौर ऊर्जा से सिंचाई करने का मौका मिलेगा। जिससे बिजली की लागत कम होगी। चलिए जानते हैं मुख्यमंत्री जी ने किसानों के लिए क्या निर्देश दिए हैं-
किसानों के ट्यूबवेल सौर ऊर्जा से जोड़े जाएंगे
सिंचाई के लिए किसानों को बिजली पर आश्रित रहना पड़ता है, इससे कभी-कभी मौसम खराब होने से सिंचाई में समस्या आ जाती है और बिजली बिल अधिक होने से खर्च भी ज्यादा होता है। लेकिन अब किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने किसानों के ट्यूबवेल सौर ऊर्जा से जोड़ने का निर्णय लिया है।
दरअसल यहां पर हरियाणा के किसानों की बात की जा रही है। आपको बता दे की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को राज्य के कृषि क्षेत्र के सभी ट्यूबवेल को सौर ऊर्जा से जोड़ने के निर्देश दे दिए हैं। जिससे किसानों को फायदा होगा।
सोलर पैनल का मिलेगा दोहरा फायदा
सरकार का कहना है कि सोलर पैनल कल्याण मंडपम के रूप में लगाया जाए। जिससे उसका दूसरा फायदा भी मिले। सोलर पैनल के छत के नीचे सामुदायिक और सामाजिक कार्य भी पूरे किए जा सकेंगे। इस तरह से इसका दोहरा फायदा भी होगा।
गोदाम के शेड पर भी लगेंगे सोलर पैनल
अनाज को सुरक्षित रखने के लिए जो गोदाम बनाए गए हैं उनकी छत का भी इस्तेमाल कर लिया जाएगा। गोदाम के छत पर सोलर पैनल लगा दिए जाएंगे। जिससे क्या होगा कि वहां से बिजली बनेगी और उसका इस्तेमाल किसान कर पाएंगे और सोलर पैनल लगाने के लिए अलग से जगह की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
2025-26 में 70000 नए सोलर पंप
किसानों को सौर ऊर्जा का लाभ मिल सके इसके लिए केंद्र से लेकर विभिन्न राज्य सरकार भी योजनाएं चला रही हैं। जिसमें 2018 से 19 में पीएम किसान योजना के तहत 1.98 लाख किसानों को सौर ऊर्जा कला मिला है, और वित्त वर्ष 25-26 में यह लक्ष्य रखा गया है कि नए 70000 सौर पंप स्थापित किए जाएंगे। जिससे अधिक किसानों को फायदा होगा। खेती की लागत कम होगी तथा सुविधाजनक सिंचाई होगी।