MP में 1 लाख 10 हजार गोवंश को मिलेगा आश्रय, गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने पर जोर दे रही सरकार, जानिए किन जिलों में बनेंगी गौशालाएं

On: Tuesday, September 9, 2025 12:21 PM
देसी नस्ल की गाय के पालन को प्रोत्साहन

MP में गौसंवर्धन बोर्ड की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए।

देसी नस्ल की गाय के पालन को प्रोत्साहन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, देसी नस्ल के गोपालन को बढ़ावा दे रहे हैं। इसमें गिर, साहीवाल जैसी कई नस्लों के पालन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी और नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से किसानों की आय बढ़ेगी। इससे मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा और प्रदेश की पहचान भी मजबूत होगी।

1 लाख 10 हजार गोवंश को मिलेगा आश्रय

मध्यप्रदेश में 937 नई गौशालाओं की स्थापना की जा रही है, जिससे प्रदेश के 1,10,000 गोवंश को आश्रय मिलेगा। विदिशा, ग्वालियर, सतना, रीवा, दमोह, आगर-मालवा और देवास जिलों में बायोगैस व जैविक खाद निर्माण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन नगर निगमों ने बड़ी गौशालाओं का संचालन शुरू कर दिया है। भोपाल और जबलपुर में गौशालाओं की स्थापना का कार्य जारी है। गौसंवर्धन बोर्ड की बैठक में बताया गया कि गौशाला समितियों के बैंक खातों में राज्य स्तर से सीधे राशि हस्तांतरित की जा रही है, जिससे गौशालाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

पशु चिकित्सकों की नियुक्ति

पशुओं के स्वास्थ्य और उपचार के लिए पशु चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। वर्तमान में प्रदेश में पशुधन की तुलना में पशु चिकित्सकों की संख्या काफी कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे प्रबंधन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार आवश्यक है।

गौशालाओं से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आत्मनिर्भर गौशालाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। गौशालाओं से निकलने वाले गोबर और गौमूत्र से जैविक खाद, ऊर्जा और अन्य सामग्री तैयार होगी, जिससे आय अर्जित की जा सकेगी। दुग्ध उत्पादन सहित गौमूत्र और गोबर से बने उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे गायपालकों को सीधा लाभ होगा।

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